Thursday, October 28, 2021

Karauli Sarkaar Arti

श्री राधारमण गुरुदेव आरती



श्री राधारमण गुरुदेव की ये आरती, भक्तो को ये कष्टों से निवारती  | 
श्री राधारमण गुरुदेव की ये आरती, भक्तो को ये कष्टों से निवारती  || 
      
हे दयानिधे करुणा निधान, तेरे अनुपम रूप निराले, ओ बाबा भोले भाले |     
हे दयानिधे करुणा निधान, तेरे अनुपम रूप निराले, ओ बाबा भोले भाले |           
तू सुख करता तू दुःख हरता, तू सुख करता तू दुःख हरता, 
करूं धुप द्वीप तेरी आरती, 
      भक्तों  कष्टों से निवारती |       
श्री राधारमण गुरुदेव की ये आरती, भक्तो को ये कष्टों से निवारती  || 
      
लव कुश है नाम मुक्ति का धाम, आश्रम है बड़ा निराला, भव पार लगाने वाला  |     
लव कुश है नाम मुक्ति का धाम, आश्रम है बड़ा निराला, भव पार लगाने वाला  |     
मेरी गुरुमाता के चरणों में , मेरी गुरुमाता के चरणों में, 
श्रद्धा सुमन की आरती,     
भक्तों  को है कष्टों से निवारती |   
श्री राधारमण गुरुदेव की ये आरती, भक्तो को ये कष्टों से निवारती  || 

है ब्रह्म ज्ञान शक्ति अपार, बिगड़ी को बनाने वाले, बैठे हैं डमरू वाले  |
है ब्रह्म ज्ञान शक्ति अपार, बिगड़ी को बनाने वाले, बैठे हैं डमरू वाले  |
करदो कृपा बाबा भक्तों पे, करदो कृपा बाबा भक्तों पे,
हम सब गाएं तेरी आरती,    
भक्तों को ये  कष्टों से निवारती |  
श्री राधारमण गुरुदेव की ये आरती, भक्तो को ये कष्टों से निवारती  || 
      
मेरे मन की आस बनू तेरा दास, इतनी हो कृपा तुम्हारी, कि विपदा मिटे  हमारी  |     
मेरे मन की आस बनू तेरा दास, इतनी हो कृपा तुम्हारी, कि विपदा मिटे  हमारी  |     
बाबा ढोल बजे डमरू भी बजे, बाबा ढोल बजे मृदंग भी बजे, 
गाऊँ श्रद्धा भाव से आरती,   
   भक्तों  है कष्टों से निवारती |      
श्री राधारमण गुरुदेव की ये आरती, भक्तो को ये कष्टों से निवारती  || 
      
नित सुबह शाम भजु तेरा नाम, बाबा आरती तेरी गाऊँ, मैं  छप्पन भोग लगाऊं  |     
नित सुबह शाम भजु तेरा नाम, बाबा आरती तेरी गाऊँ, मैं  छप्पन भोग लगाऊं  |     
कहते गुरुवर संतोष जी हैं, कहते गुरुवर संतोष जी हैं,      
है ये परमेश्वर की आरती,     
भक्तों को है कष्टों से निवारती |  
      
श्री राधारमण गुरुदेव की ये आरती, भक्तो को ये कष्टों से निवारती  || 
श्री राधारमण गुरुदेव की ये आरती, भक्तो को ये कष्टों से निवारती  ||