Tuesday, May 7, 2019
Tuesday, February 26, 2019
Friday, August 24, 2018
Thursday, December 7, 2017
Thursday, July 13, 2017
जीवन की सभी समस्याओं का अचूक समाधान
जीवन की सभी समस्याओं का अचूक समाधान
पू० गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित निम्न पुस्तकें अवश्य पढ़ें।
समस्या— क्या आपका वैवाहिक जीवन लड़ाई-झगड़ों से ग्रसित है, जिसके चलते आपकी नींद-चैन आपसे छिन गया है? तो समाधान पाने के लिए पढ़ें—
1. गृहस्थ एक तपोवन है 2. गृहस्थ एक योग साधना 3. गृहस्थ योग एक सिद्ध योग 4. विवाहित जीवन का अलौकिक आनंद 5. गृहस्थ जीवन में प्रवेश के पूर्व उसकी जिम्मेदारी समझें
समस्या— परिवार के सदस्यों की एक-दूसरे से नहीं बनती, घर में नरक जैसा वातावरण बना हुआ है, तो पढ़ें—
1. घर के वातावरण में स्वर्ग का अवतरण 2. नर रत्नों की खान सुसंस्कृत परिवार 3. समाज का मेरुदंड-सशक्त परिवार 4. परिवारिक जीवन की समस्याएँ 5. परिवार को सुव्यवस्थित कैसे बनायें? 6. परिवारों में सुसंस्कारिता का वातावरण
समस्या— क्या आपमें संकल्प शक्ति (इच्छा शक्ति) का अभाव है, जिसके कारण आप अपने कार्यों को सही तरीके से कार्यान्वित नहीं कर पाते हैं और आपको असफलता का मुँह देखना पड़ता है, तो निम्र पुस्तकें पढ़ें—
1. मन की प्रचण्ड शक्ति 2. मन के हारे हार है मन के जीते जीत 3. चेतन, अवचेतन और सुपरचेतन 4. संकल्प शक्ति की प्रचण्ड प्रतिक्रिया 5. प्रखर प्रतिभा की जननी इच्छा शक्ति
समस्या— बच्चों में अच्छे संस्कार डालने हेतु व उनका शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक विकास करने के लिए पढ़ें—
1. शिक्षा एवं विद्या 2. शिक्षा ही नहीं विद्या भी 3. बालकों का भावनात्मक विकास 4. हमारी भावी पीढ़ी व उसका नवनिर्माण 5. बाल संस्कार शाला मार्गदर्शिका 6. बच्चों की शिक्षा ही नहीं दीक्षा भी 7. बच्चों को उत्तराधिकार में धन नहीं गुण प्रदान करें 8. अविभावकों व सन्तानों के बीच भावनात्मक आदान-प्रदान
समस्या— क्या अक्सर आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता? कोई न कोई शारीरिक तकलीफ बनी रहती हैं, तो निम्र पुस्तकें पढ़ें—
1. स्वस्थ रहने के सरल उपाय 2. निरोग जीवन का राजमार्ग 3. पंचतत्त्वों से संपूर्ण रोग निवारण 4. बिना औषधियों के कायाकल्प 5. चिर यौवन का रहस्योद्घाटन
समस्या— यदि आप 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे का जन्मदिन मनाने जा रहे हैं तो उसे ऐसा उपहार दें, जो उसकी जिन्दगी बदल दे। उपहार को पैसों से नहीं, उसकी उपयोगिता से तौलें। उपहार में निम्र पुस्तकें भेंट करें—
1. महापुरुषों की जीवनियाँ 2. मरकर भी जो अमर हो गये 3. प्रेरणाप्रद कथा-गाथाएँ 4. महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग 5. बाल निर्माण की कहानियाँ 1 से 16 भाग तक 6. अनीति से जूझने वाले राष्ट्र को समर्पित शूरवीर
जिज्ञासा— यदि आप एक सच्चे लोकसेवी बनकर समाज सेवा के क्षेत्र में उतरना चाहते हैं, तो निम्र पुस्तकें पढ़ें—
1. महाकाल की चेतावनी 2. लोकसेवियों के लिए दिशाबोध 3. सेवा धर्म और उसका स्वरूप 4. रुग्ण समाज और उसका कायाकल्प 5. समाज निर्माण के कुछ शाश्वत सिद्धांत 6. नया संसार बसायेंगे-नया इंसान बनायेंगे 7. समस्याएँ आज की समाधान कल के
समस्या— यदि आप किसी भी रूप में तम्बाखू या अन्य किसी मादक पदार्थ का सेवन करते हैं और इसे छोड़ना चाहते हैं परन्तु छोड़ नहीं पा रहे हैं, तो निम्र पुस्तकें पढ़ें—
1. बलिवैश्व महायज्ञ 2. व्यसन विनाश का सोपान 3. नशेबाजी से हानि ही हानि 4. छात्र वर्ग में नशे की दुष्प्रवृत्ति 5. विपत्तियाँ दुष्प्रवृत्तियों की सहेलियाँ 6. तम्बाखू एक भयानक दुर्व्यसन
समस्या— क्या आपका बच्चा अक्सर बीमार रहता है तो निम्र पुस्तकें अवश्य पढ़ें, ताकि आप रोग का कारण जान सकें और घर पर ही उपलब्ध औषधियों द्वारा सामान्य रोगों की चिकित्सा कर सकें—
1. घरेलू चिकित्सा 2. सूर्य चिकित्सा विज्ञान 3. बाल रोगों की चिकित्सा 4. प्राण चिकित्सा विज्ञान
जिज्ञासा— रसोई में उपलब्ध मसालों द्वारा भी कई रोगों की चिकित्सा की जा सकती है। विवरण जानने के लिए पढ़ें—
1. घरेलू चिकित्सा 2. मसाला वाटिका द्वारा घरेलू उपचार 3. गमले में स्वास्थ्य 4. तुलसी के चमत्कारी गुण
समस्या— आप बहुत मंत्र जपते हैं, बहुत साधना करते हैं, बहुत उपासना करते हैं, परन्तु उसका लाभ नहीं मिल पाता है। ऐसा क्यों होता है? कारण जानने के लिए पढ़ें—
1. आद्य शक्ति गायत्री की समर्थ साधना 2. ईश्वर और उसकी अनुभूति 3.परिष्कृत अध्यात्म हमारे जीवन में उतरे 4. ईश्वर से साझेदारी हर दृष्टि से नफे का सौदा 5. जीवन देवता की साधना-आराधना 6. जीवन साधना के स्वर्णिम सूत्र
समस्या— क्या आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है? आप पैसा कमाना चाहते हैं, परन्तु किन्हीं कारणों से यह सम्भव नहीं हो पा रहा है, तो निम्र पुस्तकें पढ़ें—
1. धनवान बनने के गुप्त रहस्य 2. धन का सदुपयोग 4. आर्थिक स्वावलम्बन 5. उपभोग नहीं उपयोग 6. बचत ही आपकी असली आय 7. गरीबी भगायें, गरिमा बढ़ायें
जिज्ञासा—किसी की शादी में या किसी के विवाह दिवस (शादी की सालगिरह) पर ऐसी पुस्तक उपहार में दें, जिसके ज्ञान को यदि व्यवहार में उतार लिया जाये तो वैवाहिक जीवन सफल हो जाये। उपहार में देने योग्य पुस्तकें हैं—
1. गृहस्थ एक तपोवन 2. गृहस्थ एक योग साधना 3. गृहस्थ योग एक सिद्ध योग 4. विवाहित जीवन का अलौकिक आनंद 5. घर के वातावरण में स्वर्ग का अवतरण 6. सफल दाम्पत्य जीवन के मौलिक सिद्धान्त 7. गृहस्थ में प्रवेश के पूर्व उसकी जिम्मेदारी समझें 8. अखण्ड ज्योति, युग निर्माण योजना, प्रज्ञा अभियान पाक्षिक आदि पत्रिकाओं की वार्षिक या आजीवन सदस्यता
समस्या— आप में ऊर्जा-उत्साह तो बहुत है, बहुत कुछ करने की तमन्ना है, परन्तु मार्गदर्शन के अभाव में आप चाहकर भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, तो निम्र पुस्तकें अवश्य पढ़ें—
1. हारिये न हिम्मत 2. जिंदगी कैसे जीयें? 3. समय का सदुपयोग 4. जीवन जीने की कला 5. आगे बढ़ने की तैयारी 6. अपने दीपक आप बनो 7. सफल जीवन की दिशाधारा 8. जीवन लक्ष्य और उसकी प्राप्ति 9. सद्विचारों की सृजनात्मक शक्ति 10. जीवन साधना के स्वर्णिम सूत्र
समस्या— क्या आप अक्सर निराश, हताश, दुःखी और परेशान रहते हैं, सुख-चैन आपसे कोसों दूर रहता है। आप साल भर बहुत पढ़ाई करते हैं, याद भी ठीक-ठीक रहता है, परन्तु परीक्षा के समय, इन्टरव्यू के समय घबरा जाते हैं, तनाव में आ जाते हैं। इन परिस्थितियों से उबरने में निम्र पुस्तकें आपको बल प्रदान करेंगी—
1. मानसिक सन्तुलन 2. हँसी खुशी का जीवन 3. भव-बन्धनों से मुक्त हों 4. मनोविकार सर्वनाशी महाशत्रु 5. निराशा को पास न फटकनें दें 6. मन के हारे हार है, मन के जीते जीत 7. मनःस्थिति बदले तो परिस्थिति बदले 8. विकृत चिन्तन रोग-शोक का मूल कारण 9. प्रगति की प्रसन्नता की जड़ें अपने ही भीतर
समस्या— क्या आप दिमागी कशमकश (आंतरिक संघर्ष) से परेशान हैं; समझ नहीं आता क्या करें? क्या सही-गलत का निर्णय नहीं कर पा रहे? तो सही मार्गदर्शन के लिए पढ़ें—
1. मानसिक संतुलन 2. आध्यात्मिक काम-विज्ञान 3. अंतरंग का देवासुर संग्राम 4. मनोविकार सर्वनाशी महाशत्रु 5. काम-तत्त्व का ज्ञान-विज्ञान 6. स्वस्थ एवं सुन्दर बनने की विद्या
जिज्ञासा— आप जीवन में बहुत प्रसिद्ध और समृद्ध होना चाहते हैं? आप चाहते हैं कि आपके बहुत से चाहने वाले हों, तो निम्र पुस्तकें पढ़ें—
1. प्रसिद्धि और समृद्धि 2. मित्र भाव बढ़ाने की कला
जिज्ञासा— क्या आप जानते हैं कि कौन सी अदृश्य शक्तियाँ इस सृष्टि को चला रही हैं? इस सृष्टि की बागडोर किस परम सत्ता के हाथ में है। जानने के लिए पढ़ें—
1. ईश्वर का विराट् रूप 2. ईश्वर कौन है? कहाँ है? कैसा है? 3. दृश्य जगत के अदृश्य संचालक सूत्र
समस्या— हम अपनी बेवकूफियों के कारण, गलत सोचने के ढंग के कारण ही हमेशा परेशानियों से, दुःखों से घिरे रहते हैं। यदि हमारा सोचने का ढंग, देखने का नजरिया बदल जाये तो हमारी अधिकतर परेशानियाँ, दुःख, सन्ताप स्वतः ही ठीक हो जायें। पढ़ें—
1. अंतरंग का देवासुर संग्राम 2. मनोविकार सर्वनाशी महाशत्रु 3. सद्विचारों की सृजनात्मक शक्ति 4. विपत्तियाँ दुष्प्रवृत्तियों की सहेलियाँ 5. मनःस्थिति बदले तो परिस्थिति बदले 6. विकृत चिन्तन रोग-शोक का मूल कारण
समस्या— क्या आप के मित्र बहुत कम हैं। आपको समझ नहीं आता कि आखिर लोग आपसे दूर क्यों भागते हैं? जानने के लिए पढ़ें—
1. मानसिक सन्तुलन 2. मित्र भाव बढ़ाने की कला 3. आंतरिक उल्लास का विकास 4. आत्मीयता का माधुर्य और सौन्दर्य
जिज्ञासा— क्या आपके दिल में क्रान्ति की आग धधकती है और आप आज की विकट सामाजिक परिस्थितियों में बदलाव लाना चाहते हैं? गुण्डागर्दी, आतंकवाद, भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहते हैं, तो पढ़ें—
1. सतयुग की वापसी 2. क्रान्ति की रूपरेखा 3. अनाचार से कैसे निपटें? 4. युग परिवर्तन क्यों और कैसे? 5. महाकाल का प्रतिभाओं को आमंत्रण 6. मनुष्य की दुर्बुद्धि और भावी विनाश 7. इक्कीसवीं सदी के लिये हमें क्या करना होगा?
जिज्ञासा— क्या आप जानते हैं कि हमारा दिमाग (मस्तिष्क) क्या-क्या कर सकता है? उसकी कितनी जबरदस्त क्षमताएँ हैं? दिमाग की क्षमताओं से कैसे लाभ उठाया जा सकता है? तो निम्र पुस्तकें पढ़ें—
1. मस्तिष्क प्रत्यक्ष कल्पवृक्ष 2. बुद्धि बढ़ाने के वैज्ञानिक विधि 3. अतीन्द्रिय क्षमताओं की पृष्ठभूमि 4. अतीन्द्रिय सामर्थ्य संयोग नहीं तथ्य 5. मानवीय मस्तिष्क विलक्षण कम्प्यूटर
जिज्ञासा— क्या आप बुद्धि बढ़ाना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि आप जो भी पढ़ें वो आपको झटपट याद हो जाये, तो पढ़ें—
1. बुद्धि बढ़ाने की वैज्ञानिक विधि 2. मस्तिष्क प्रत्यक्ष कल्पवृक्ष 3. मानवीय मस्तिष्क विलक्षण कम्प्यूटर
जिज्ञासा— क्या आप सत्य की खोज में हैं? क्या आप जानना चाहते हैं कि आपका इस धरती पर जन्म क्यों हुआ है? आप कौन हैं और आपके जीवन का लक्ष्य क्या है? तो पढ़ें—
1. मैं क्या हूँ ? 2. जीवन लक्ष्य और उसकी प्राप्ति 3. आत्मा वाऽरे ज्ञातव्यः 4. आत्मा न नर है न नारी
‘‘क्रान्तिधर्मी साहित्य मेरे अब तक के सभी साहित्य का मक्खन है। मेरे अब तक का साहित्य पढ़ पाओ या न पढ़ पाओ, इसे जरूर पढ़ना। इन्हें समझे बिना मिशन को न तो तुम समझ सकते हो, न ही किसी को समझा सकते हो। - दुनिया की सभी समस्याओं का समाधान इस साहित्य में है। - ये पुस्तकें मेरे जीवन का सार हैं - सारे जीवन का लेखा-जोखा हैं। 1940 से अब तक लिखे गये साहित्य का सार हैं। - ये २० किताबें सौ बार पढ़ना और कम से कम १०० लोगों को पढ़ाना और वो भी सौ लोगों को पढ़ाएँ। हम लिखें तो असर न हो, ऐसा न होगा।’’ —पूज्य गुरुदेव पं० श्रीराम शर्मा आचार्य
‘‘बेटा, आने वाले समय में दुनिया अपनी समस्याओं का समाधान मेरे गीतों में और पूज्य गुरुजी के प्रवचनों में ढूँढ़ेगी।’’ —वं माताजी
विशेष ज्ञातव्य— प्यार और सहकार से भरे-पूरे परिवार के निर्माण के लिए नित्य अपने अंग-अवयवों से, युग निर्माण सत्संकल्प एवं सत्साहित्य का स्वाध्याय, उगते सूर्य (सविता देवता) का ध्यान करते हुए पू. गुरुसत्ता के साथ गायत्री मंत्र जप, नित्य प्रातःकाल आँख खुलते ही शान्तिकुञ्ज की ध्यान-धारणा (यात्रा) और बलिवैश्व महायज्ञ अवश्य करें।
नोट— पढ़ें-पढ़ाएँ, छपवाएँ और बाँटें-बँटवाएँ।
Subscribe to:
Posts (Atom)




